
ओला इलेक्ट्रिक: 5 दिन में 30% उछाल, क्या शेयर खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से तूफानी तेजी देखी जा रही है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में ही यह शेयर 30% से अधिक उछल चुका है, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस अचानक आई तेजी के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह शेयर खरीदने का सही समय है, या मुनाफावसूली करनी चाहिए?
तेजी की वजह क्या है?
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में इस तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है कंपनी की Gen-3 स्कूटर रेंज को मिला प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) सर्टिफिकेशन। इस सर्टिफिकेशन से कंपनी को अपनी बिक्री पर 13% से 18% तक का इंसेंटिव मिल सकता है, जिससे कंपनी के मुनाफे में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने नई 4680 भारत सेल लॉन्च करने की योजना का भी खुलासा किया है, जिससे भविष्य में कंपनी के उत्पादों में सुधार होने की उम्मीद है।

कंपनी के फंडामेंटल्स अभी भी कमजोर
हालांकि, इस रैली के बावजूद, ओला इलेक्ट्रिक के फंडामेंटल्स अभी भी कमजोर बने हुए हैं। कंपनी ने हाल ही में ₹428 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है और पिछले कुछ समय से कंपनी घाटे में चल रही है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की तेजी हमेशा टिकाऊ नहीं होती, और कंपनी को अपनी प्रॉफिटेबिलिटी साबित करने में अभी समय लगेगा।
विश्लेषकों की राय: खरीदें, बेचें या होल्ड करें?
इस शेयर पर विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। कुछ ब्रोकरेज फर्म्स ने इसे ‘बेचने’ की सलाह दी है, जबकि कुछ अन्य ‘होल्ड’ करने की सलाह दे रहे हैं।
- खरीदें: ओला इलेक्ट्रिक के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पोटेंशियल और भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते बाजार को देखते हुए, कुछ निवेशक इसे खरीदने का मौका मान सकते हैं।
- बेचें: जो निवेशक कम समय में मुनाफा कमाना चाहते हैं, वे मौजूदा तेजी का फायदा उठाकर मुनाफावसूली कर सकते हैं। कंपनी के कमजोर फंडामेंटल्स और पिछले घाटे को देखते हुए यह एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
- होल्ड करें: जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीदे हैं, वे इसे होल्ड कर सकते हैं और आगे की तेजी का इंतजार कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें स्टॉप लॉस लगाकर जोखिम को सीमित करना चाहिए।
निष्कर्ष:
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में आई यह तेजी कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन, निवेशकों को किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, जोखिम और बाजार के उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना चाहिए। यह एक हाई-रिस्क स्टॉक है, और निवेशकों को अपनी जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार ही निवेश करना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित होगा