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आईटीआर फाइलिंग 2025: ITR-1 से ITR-7, जानिए इन फॉर्म्स का क्या है मतलब

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने जा रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है। गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न खारिज हो सकता है। आयकर विभाग ने करदाताओं की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग फॉर्म बनाए हैं, जिन्हें ITR-1 से लेकर ITR-7 तक के नाम से जाना जाता है।

आइए जानते हैं कि कौन सा फॉर्म किस करदाता के लिए है:

ITR-1 (सहज)

  • किसके लिए: यह सबसे आसान फॉर्म है। यह उन भारतीय निवासियों के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है।
  • आय के स्रोत: इसमें वेतन/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी से आय, और अन्य स्रोतों (ब्याज आदि) से आय शामिल होती है।
  • कौन नहीं भर सकता: यह फॉर्म उन लोगों के लिए नहीं है जिनकी आय ₹50 लाख से अधिक है, जिनके पास एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी है, जिन्हें कैपिटल गेन या व्यवसाय/पेशा से आय होती है, या जो किसी कंपनी में निदेशक हैं।

ITR-2

  • किसके लिए: यह उन व्यक्तियों और HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक है और जिन्हें व्यवसाय या पेशे से कोई आय नहीं होती है।
  • आय के स्रोत: इसमें वेतन/पेंशन, एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी से आय, कैपिटल गेन, लॉटरी या घुड़दौड़ से आय, और विदेशी आय/संपत्ति शामिल है।
  • कौन नहीं भर सकता: जिन लोगों को व्यवसाय या पेशे से आय होती है, वे यह फॉर्म नहीं भर सकते।

ITR-3

  • किसके लिए: यह उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिन्हें व्यवसाय या पेशे से लाभ होता है।
  • आय के स्रोत: इसमें वेतन, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन और अन्य स्रोतों से होने वाली आय के साथ-साथ व्यवसाय या पेशे से होने वाली आय भी शामिल है। यह फॉर्म पेशेवरों (डॉक्टर, वकील, आदि) और व्यवसाय मालिकों के लिए है।

ITR-4 (सुगम)

  • किसके लिए: यह उन निवासियों (व्यक्तियों, HUF और फर्मों, LLP को छोड़कर) के लिए है, जिन्होंने धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) योजना का विकल्प चुना है, और जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है।
  • आय के स्रोत: इसमें व्यवसाय और पेशे से आय, वेतन/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी से आय और अन्य स्रोतों से आय शामिल है।
  • कौन नहीं भर सकता: जिन लोगों को विदेशी आय होती है, एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी है, या ₹50 लाख से अधिक की आय होती है, वे यह फॉर्म नहीं भर सकते।

ITR-5

  • किसके लिए: यह फॉर्म फर्म, LLP (सीमित देयता भागीदारी), AOP (व्यक्तियों का संघ), BOI (व्यक्तियों का निकाय) और अन्य समान संस्थाओं के लिए है।
  • कौन नहीं भर सकता: यह व्यक्तियों, HUF, कंपनियों या ITR-7 भरने वाली संस्थाओं के लिए नहीं है।

ITR-6

  • किसके लिए: यह उन कंपनियों के लिए है जो धारा 11 के तहत छूट का दावा नहीं करती हैं। इसमें निजी लिमिटेड और पब्लिक लिमिटेड कंपनियां शामिल हैं। यह फॉर्म इलेक्ट्रॉनिक मोड में ही फाइल करना होता है।

ITR-7

  • किसके लिए: यह उन लोगों या संस्थाओं के लिए है जिन्हें धारा 139(4A), 139(4B), 139(4C), या 139(4D) के तहत रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है। इनमें धर्मार्थ ट्रस्ट, राजनीतिक दल, कॉलेज, वैज्ञानिक अनुसंधान संघ और समाचार एजेंसियां शामिल हैं।

Ankur singh

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